रविवार, 6 अप्रैल 2014

तू क्यों समझती नहीं... ये दिल है सिर्फ तेरा...

जब आंखें बंद होती हैं..

बस तू साथ होती है..
तेरी यादों के तकिए पर,
बस रात मेरी सोती है..
तू क्यों दूर है यूं मुझसे..
तूझे चाहता हूं पूरे दिल से..
सुन ले मेरी आरजू तू..
तू ही मेरी जान है..
तू ही मेरा जहान है...
तू ही है सबकुछ मेरा..
अधूरा तेरे बिना दिल ये मेरा..
तू क्यों समझती नहीं...
ये दिल है सिर्फ तेरा...

शुभम् शुक्ला

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