उत्तर प्रदेश: MSMEs के लिए अच्छा मौका, जानें सरकार की नई स्कीम में कैसे मिल रहा है फायदा
नई दिल्ली. इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के निर्माण क्षेत्र के छोटे एवं मध्यम उद्यमियों(MSMEs) के लिए उत्तर प्रदेश में अच्छे अवसर हैं। उत्तर प्रदेश सरकार इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी 2014 लेकर आ रही है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी यूपी में स्थापित इकाइयों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में मदद करेगा।
फिलहाल यूपी सरकार ने इलैक्ट्रॉनिक पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए तीन जगह देखी हैं, जहां इकाइयों को स्थापित किया जा सकता है। सरकार की ओर से तलाशे गए सबसे महत्वपूर्ण इलाके में ग्रेटर नोएडा है। इसके अलावा, दो और समूहों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए यूपी में ही स्थापित किए जाएंगें। जिनमें से एक आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित करने की प्लानिंग है।
एनसीआर(NCR) रीजन में इलेक्ट्रॉनिक इकाइयों को स्थापित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ इंडिया(ELCINA) पिछले कुछ समय से यूपी सरकार के संपर्क में है। Moneybhaskar.com से बातचीत करते हुए एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजू गोयल ने कहा, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए ग्रेटर नोएडा एक बेहतर जगह है। इससे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में अच्छे अवसर मिलेंगे। साथ ही एमएसएमई भी इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए आगे आएंगे।
इलेक्ट्रॉनिक गुड्स को सेल करने के लिए मार्केट के पास ही 100 एकड़ की जमीन देखी गई है। जिसमें ये इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। राजू के मुताबिक सरकार पहले ही ग्रेटर नोएडा में इकाइयों को स्थापित करने के लिए ऐसी जगह तलाश चुकी है। इसके अलावा, पॉलिसी से मोबाइल डिवाइसेस, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स, कनज्यूमर्स इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी सिस्टम और हार्डवेयर के निर्माण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
सब्सिडी भी करेगी एमएसएमई(MSMEs) को मदद
- नई इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी के तहत यूपी सरकार 7 साल के लिए 15 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी प्रदान कर रही है।
- उत्तर प्रदेश में लघु उद्योगों के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट होगी।
- पॉलिसी के तहत पेटेंट के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फाइलिंग की वापसी की जाएगी।
- नई नीति के तहत 10 साल के लिए वैट/सीएसटी पर 100 प्रतिशत टैक्स वापसी होगी।
- भूमि खरीद पर भी एमएसएमई को प्रचलित क्षेत्रों की दरों पर 25 फीसदी की छूट मिलेगी। साथ ही, मौजूदा इकाइयों के लिए औद्योगिक संवर्धन सब्सिडी भी दी जाएगी।
- 200 करोड़ रुपए तक का निवेश करने वाली इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज पर भी पॉलिसी के तरत विचार किया जाएगा।
- बुनियादी सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार भी इन ईएमसी (EMC) को केंद्र की नेशनल पॉलिसी ऑन इलेक्ट्रॉनिक्स, 2012 के तहत दी जाने वाले 50 फीसदी अनुदान के बराबर सब्सिडी प्रदान करेगी।
योजना से कैसे मिलेगा एमएसएमई को लाभ
सरकार द्वारा गठित की गई इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग योजना ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों क्लस्टर को स्थापित होने में मदद करेगी। भारत में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए भी योजना काफी लाभदायक है। फिलहाल, योजना की वैधता अक्टूबर, 2017 तक रखी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री
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